EPFO का नया नियम लागू, नौकरी बदलने वालों के लिए PF ट्रांसफर हुआ आसान; जानिए क्या बदला

 नई दिल्ली

क्या आप भी नौकरी बदल रहे हैं, अगर हां तो ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से जुड़े तमाम नियम बदल चुके हैं और नई नौकरी ज्वाइन करने वालों के लिए इन पीएफ रूल चेंज (PF Rule Change) के बारे में जान लेना जरूरी है. इनमें एक खास है पीएफ ट्रांसफर, जिसे पहले से ज्यादा सरल बनाया गया है। 

नौकरी बदलते ही करना होता था ये काम 
नई नौकरी शुरू करने पर आमतौर पर कई जरूरी काम करने होते हैं, जैसे दस्तावेजों को अपडेट करना, कागजी कार्रवाई पूरी करना और नए वर्कप्लेस में व्यवस्थित होना. अगर पीएफ खाते की बात करें, तो पुरानी कंपनी से से भविष्य निधि की राशि, यानी PF Balance ट्रांसफर करने के लिए अलग से अनुरोध करना होता था, लेकिन ताजा बदलावों के बाद अब यह प्रोसेस काफी सरल हो गया है. EPFO ने एक नई प्रणाली शुरू की है, जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी बदलने के बाद अलग से पीएफ ट्रांसफर (PF Transfer) अनुरोध जमा करने की जरूरत नहीं होगी। 

ये भी पढ़ें :  EPFO की बड़ी लापरवाही: 10 साल तक PF ट्रांसफर नहीं किया, अब देना होगा 50 हजार रुपये हर्जाना

ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएगा पैसा
नए बदलाव के मुताबिक, अगर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से जुड़ा हुआ है और अन्य सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो फिर कर्मचारी के नए एंप्लॉयर के साथ जुड़ने पर पीएफ बैलेंस ऑटोमैटिक तरीके से ट्रांसफर हो जाएगा. यह चेंज ईपीएफओ द्वारा अपने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विस (CITES) प्लेटफॉर्म पर आने के बाद लागू किया गया है, जिसे सदस्यों के रिकॉर्ड और सेवाओं को एक ही सिस्टम पर लाने के लिए डिजाइन किया गया है। 

ये भी पढ़ें :  सरकारी नौकरी वालों की लगेगी लॉटरी! 8वें वेतन आयोग से भत्तों और पेंशन में होगा बड़ा इजाफा

अब ऐसे फटाफट होगा काम
अब तक कर्मचारियों को अपने पिछले नियोक्ता के पीएफ खाते से नए नियोक्ता के खाते में पीएफ राशि ट्रांसफर के लिए जो आवेदन करना पड़ता था. उस पर EPFO द्वारा कार्रवाई की जाती थी और कुछ मामलों में नियोक्ता द्वारा इसका सत्यापन भी किया जाता था। 

ये भी पढ़ें :  EPFO ने किया बड़ा ऐलान: नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के PF में राहत, नॉमिनी को भी मिलेगा फायदा

नई प्रणाली के तहत, संगठन इन सदस्यों के पात्र पीएफ बैलेंस को स्वचालित रूप से ट्रांसफर करेगा, जिनका आधार-ऑथेंटिकेशन UAN सही तरीके से लिंक है. इस बदलाव से ये काम करने के लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर आवेदन फाइल की जरूरत खत्म हो जाती है। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment